भूमि पूजन कैसे करे, विधि, मुहूर्त, सामग्री, भूमि पूजन मंत्र की पूरी जानकारी हिंदी में

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Bhumi Pujan Kaise kare

(भुमि पुजन कैसे करे)

शास्त्रों के अनुसार भूमि को मां के समान माना गया है भूमि पूजन करते समय ब्राह्मण को बुलवाना चाहिए जिस स्थान की पूजा करवानी है उस जगह को साफ और स्वच्छ कर देना चाहिए अगर व्यक्ति शादीशुदा हैं तो पूजा करते समय उसे अपनी पत्नी को अपनी बायीं तरफ बैठाना चाहिए इसके बाद भगवान गणेश की पूजा करके चांदी के नाग और कलश की भी पूजा करनी चाहिए और साथ में ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए

Bhumi Pujan Vidhi

(भूमि पूजन विधि)

  1. भूमि पूजन करने से पहले सुबह उठकर जिस भूमि की पूजा करनी है उस भूमि को अच्छी तरह से साफ और शुद्ध कर लें  
  2. भूमि पूजन करने के लिए किसी ब्राह्मण को बुलवाना चाहिए
  3. पूजा करते समय ब्राह्मण को उत्तर की तरफ मुंह करके बैठना चाहिए
  4. पूजा करवाने वाले व्यक्ति को पूर्व की तरफ मुंह करके बैठना चाहिए
  5. अगर व्यक्ति शादीशुदा हैं तो उसे अपनी पत्नी को अपनी बायीं तरफ बैठाना चाहिए
  6. मंत्रोच्चारण द्वारा शरीर, आसन और स्थान की शुद्धि की जाती है
  7. इसके बाद श्री गणेश जी की पूजा करके भूमि पूजन करने के लिए चांदी के नाग और कलश की पूजा की जाती है
  8. कलश में दूध, दही , घी डालकर मंत्रो द्वारा शेषनाग का आह्वान करना चाहिए
  9. कलश में सिक्का और सुपारी डालकर गणेशजी और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करनी चाहिए
  10. कलश को ब्रह्मांड का प्रतीक और विष्णु भगवान का रूप मानकर पूजा करें ताकि विष्णु भगवान मां लक्ष्मी के साथ उसकी भूमि पर सदैव विराजमान रहें
  11. शेषनाग से हमें प्रार्थना करनी चाहिए की जैसे आपने पृथ्वी को संभाला है उसी प्रकार उसकी भूमि को संभालकर अपनी कृपा बनाए रखें

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Bhumi Pujan Muhurat

(भूमि पूजन मुहूर्त है 2021)

26 अप्रैल : (चैत्र शुक्ल चतुर्दशी, सोम) रात्रि 10.01 से 12.07 तक धनु लग्न में.

28 अप्रैल : (वैशाख कृष्ण प्रतिपदा, बुध) रात्रि 9.54 से 12.00 तक धनु लग्न में.

21 मई : (वै. शु. नवमी, शुक्र) 11.29 से 1.43

22 मई : (वैशाख शुक्ल एकादशी, शनि) सुबह 4.54 से 6.59 तक वृष लग्न में.

26 मई : (वैशाख शुक्ल पूर्णिमा, बुध) दिन में 11.04 से 1.18 तक सिंह लग्न में.

23 जुलाई : (आषाढ़ शुक्ल चतुर्दशी, शुक्र) रात्रि 9.35 से 11.03 तक मीन लग्न में.

26 जुलाई : (श्रावण कृष्ण तृतीया, सोम) दिन में 1.43 से 4.00 बजे तक तुला लग्न में.

19 अगस्त : (श्रावण शुक्ल द्वादशी, गुरु)

20 अगस्त : (श्रा. शु. त्रयोदशी, शुक्र) दिन में 12.07 से 2.24 तक तुला लग्न में.

23 अगस्त : (भाद्र. कृ. प्रति., सोम) दिन में 2.14 से 4.20 तक धनु लग्न में.

20 अक्तूबर : (आश्विन शुक्ल पूर्णिमा, बुधवार) दिन में 10.42 से 12.48 तक धनु लग्न में.

20 नवंबर : (मार्गशीर्ष कृष्ण प्रतिपदा, शनिवार) रात्रि में 11.38 से 1.52 तक सिंह लग्न में.

13 दिसंबर : (मार्ग. शु. दशमी, सोम) कुंभ लग्न में

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Bhumi Pujan Samagri

(भूमि पूजन करने के लिए सामग्री)

भूमि पूजन करवाने के लिए फल, फूल, धूप, कपूर , लौंग इलायची, आम के पत्ते, कलावा, नारियल, सुपारी, प्रसाद, चावल, घी, दीपक, हल्दी, कुमकुम, सिक्के, नवरत्न, गंगाजल, कलश , दूब घास, नाग नागिन का जोड़ा, लाल सूती कपड़ा आदि सामग्रियों

Bhumi Pujan Mantra

(भूमि पूजन मंत्र)

समुद्र – वसने देवि, पर्वत – स्तन – मंडिते ।

विष्णु – पत्नि नमस्तुभ्यं , पाद – स्पर्श क्षमस्व मे ।।

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