सरकारी एडवोकेट कैसे बने?

सरकारी एडवोकेट कैसे बने_

हर किसी का कुछ ना कुछ सपना होता है कि आपने जिंदगी में कुछ बने हर किसी का कुछ ना कुछ लक्ष्य जरूर होता है

कोई डॉक्टर बनना चाहता है कोई इंजीनियर बनना चाहता है कोई टीचर बनना चाहता है वह सारे बच्चों के ऐसे कुछ ना कुछ सपने होते हैं

लेकिन आज मैं आपको बताऊंगा कि सरकारी एडवोकेट कैसे बने यदि आप एडवोकेट बनना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कुछ टिप्स पर ध्यान दीजिए

सरकारी एडवोकेट की योग्यता क्या होनी चाहिए?

 

सरकारी एडवोकेट की योग्यता क्या होनी चाहिए_

अगर आप एडवोकेट बनना चाहते हैं तो आपके पास बार में का सर्टिफिकेट होना जरूरी है यदि आप 12वीं के बाद सीधा लॉ की पढ़ाई करते हैं तो इसके लिए आपको 5 साल का कोर्स करना पड़ेगा

यदि आप 12वीं के बाद ग्रेजुएशन करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 3 साल का कोर्स करना पड़ेगा सरकारी एडवोकेट का

12वीं मैं आपके 50% मार्क्स आना जरूरी है जिससे आप आगे लॉ की पढ़ाई कर सके आपकी आयु 30 वर्ष से अधिक आने चाहिए

एक सरकारी वकील बनने के लिए आपके पास कम से कम 7वकालत का भी ज्ञान प्राप्त होना चाहिए भारत के किसी भी कोर्ट के द्वारा

यदि 12वीं के बाद आप एल एल बी की पढ़ाई करना चाहते हैं तो इसके दो मुख्य चरण होते हैं

यदि आप ही बार में के बाद सीधा वकालत करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 5 साल का कोर्स करना पड़ेगा यदि आप चाहते हैं कि आप 3 साल का कोर्स करें तो इसके लिए आपको सबसे पहले ग्रह छूट होने की जरूरत है

ग्रेजुएट होने के बाद ही हम वकालत की 3 साल की कोर्स कर सकते हैं यदि आप एलएलबी करना चाहते हैं तो सबसे पहले आप में यह सारी शैक्षणिक योग्यताएं आवश्यक होने चाहिए

सरकारी वकील बनने के लिए क्या करें?

 

सरकारी एडवोकेट कैसे बने_

सरकारी वकील बनने के लिए सबसे पहले 12वीं क्लास में पास होना जरूरी है इसके बाद हमें अपने वकालत की पढ़ाई पर ध्यान देने की जरूरत है

आप बारहवीं की पढ़ाई के बाद किसी भी सब्जेक्ट के हॉट कॉमर्स या मेडिकल से आपने ग्रेजुएशन पूरी करें और सबसे अच्छा तरीका है 12वीं के बादआर्ट सब्जेक्ट ले क्योंकि इसमें ला के बारे में अच्छे से हमाराअध्ययन कर रहा है 

कॉलेज से डिग्री

बारहवीं कक्षा के बाद जब भी आप ला कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो आपको सबसे पहले एक एग्जाम देना होगा जिसे सिलेट के नाम से भी जाना जाता है

एच एस का पूरा नाम कॉमन ला एडमिशन स्टेट होता है इस एग्जाम को देने के बाद आप सीधे ला कालेज में एडमिशन ले सकते हैं जोकि पूरे 5 साल का कोर्स होता है

इस कोर्स के जरिए आपको वकालत करने की शिक्षा दी जाती है जिससे आप आगे अच्छे सरकारी वकील बन सकते हैं इसमें आपसे लॉजिकल रीजनिंग इंग्लिश गणित तथा लीगल एप्टी आदि विषयों के सवाल पूछे जाते हैं

कार्य और अधिकार

. एक सरकारी वकील को अपने राज्य के सभी केस और क्रियाकलापों पर विशेष ध्यान देना होता

. जब कभी भी कोई केस आता यार बताओ तो होता तो सरकारी वकील का यही कार्य है ताकि वह उसे मुकद्दमा की कार्यवाही करें और इसकी सुनवाई भी करें

. एक सरकारी वकील कोर्ट में सभी गतिविधियों में भाग लेता तथा अपना मुद्दे की जांच पड़ताल अच्छे से करता है
. सभी गवाहों के कोर्ट में पेसी करना और सभी सपूतों को जज के सामने पेश करना सरकारी वकील पर ही कार्य होता है

. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का कार्य केस जुड़े सभी आश्रम पहलुओं को अदालत के सामने रखकर उसकी मदद करता है
. सरकारी वकील का सबसे बड़ा कार्य पीड़ित व्यक्तियों की मदद करना

. एक सरकारी नौकरी में अपना मुकद्दमें को लेकर इतना शकत रहता है कि वह पीड़िता के परिवार की बढ़-चढ़कर रक्षा करता है

. स्टेट गवर्नमेंट का कोर्ट में बचाव करना एक सरकारी वकील का कार्य होता है

. एक वकील नागरिक और अपराधी दोनों के ही कार्यों पर कार्यवाही करता है

वकील की नियुक्ति

 

वकील की नियुक्ति

सरकारी वकील की नियुक्ति केंद्र सरकार के द्वारा ही की जाती है और स्टेट में ही हो सकती है जहां आप वकालत करना चाहते हैं

आपके साथ जबरदस्ती नहीं की जाएगी की आपको सरकार के द्वारा ही किसी कोर्ट में पद दिया जा सकता है आप जो चाहे वकालत कर सकते हैं और

यह जरूरी भी नहीं है कि सरकार को आपका नाम पता हो बल्कि और सरकार को यह बताने के लिए आपको लिस्ट में सूचीबद्ध किया जाता है

ऐसा केवल उसके साथ ही किया जाता है जो ला को अच्छे से समझ सके और वकालत को हैंडल कर सके यानी जिनका नाम पैनल पर होता है केवल उन्हीं को सूचीबद्ध किया जाता है और उन्हें का नाम सरकार को सौंपा जाता है

किसी भी सरकारी वकील की नियुक्ति उस देश की गवर्नमेंट और केंद्र सरकार की सलाह और विचार विश्राम के बाद ही की जाती है तभी से उच्च न्यायालय का पद सौंपा जाता

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